IP address क्या है
अगर आप internet का use करते है तो आपने IP address के बारे में तो सुना ही होगा और आप इसके बारे में जानना भी चाहते होंगे IP address का पूरा नाम internet protocol address (इन्टरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) है।
Internet Protocol (IP) को ही TCP यानी Transmission Control Protocol कहते है इसी के कारण computers या नेटवर्किंग डिवाइस internet से connect हो पाते है।
हर कंप्यूटर का अपना एक यूनिक IP address होता है। IP address में IP का मतलब internet की protocol से है और address का मतलब उस protocol से कनेक्टेड कंप्यूटर्स या नेटवर्किंग डिवाइस के पते से। IP address हर डिवाइस की अपनी एक पहचान होती है यानी एक आइडेंटिफिकेशन है जिससे उस डिवाइस की लोकेशन और नेटवर्क का पता चलता है।
हर कंप्यूटर का अपना एक यूनिक IP address होता है। IP address में IP का मतलब internet की protocol से है और address का मतलब उस protocol से कनेक्टेड कंप्यूटर्स या नेटवर्किंग डिवाइस के पते से। IP address हर डिवाइस की अपनी एक पहचान होती है यानी एक आइडेंटिफिकेशन है जिससे उस डिवाइस की लोकेशन और नेटवर्क का पता चलता है।
IP address का format कैसा होता है?
एक IP address 4 भागो में बटा होता है जिनमे प्रत्येक भाग को डॉट ‘.’ से अलग अलग किया जाता है
एक सामान्य IP v4 address कुछ इस तरह दीखता है। 192.168.89.42 एक IPv4 या IP version 4 address 32 bit का होता है जिसको अब ज्यादा use नहीं किया जा सकता क्योंकि यह सिर्फ 32 bit का होता है और केवल 400 करोड़ IP address ही बनाये जा सकते है जोकि लगभग पूरे हो चुके है।
क्यांकि सिर्फ कंप्यूटर्स या मोबाइल्स ही नहीं हर बो डिवाइस जो internet से connected है जैसे गूगल होम (गूगल का स्पीकर) उसका भी अपना एक IP address होता है लेकिन चिंता करने की कोई बात नहीं है।
इसका उपाय भी ढूंढ लिया गया है जिसको हम IPv6 कहते है यह एक 128bit का IP address होता है जो इस समस्या को ख़त्म कर देगा एक साधरण IPv6 address कुछ इस तरह दीखता है -
"fe80::8187:af64:2e37:2543%16c"
IP address के versions । Versions of IP address
जैसा की हम पहले ही बात कर चुके है की IP address के दो versions होते है IPv4 और IPv6
IPv4 (इन्टरनेट प्रोटोकॉल version 4)
IP version 4 एक 32 bit का IP address होता है जिसके कारण अब IPv4 से कोई IP address नहीं बनाये ja सकते। IPv4 चार भागो में बता होता है और इसको अलग अलग भागो में बाटने के लिए बिचमे डॉट का use किया जाता है।
IPv6 (इन्टरनेट प्रोटोकॉल version 6)
IP version 6 एक नया और एडवांस्ड version है जिसमे केवल नंबर्स का ही नहीं बल्कि alphabat और सिम्बल्स का भी उसे किया जाता है IPv6 के भागो को सेमीकोलन से बता जाता है। यह 128 bit का IP address होता है IP version 6 के कारण अब शायद IP address का अगला version लाने की इतनी जल्दी जरुरत नहीं पड़ेगी।
IP address के types । Types of IP address
Local या private IP address
जब दो से ज्यादा डिवाइस एक दुसरे से किसी वायर्ड या वायरलेस नेटवर्क के द्वारा connect होता है तो हर डिवाइस को अपना एक यूनिक IP address मिलता है जिसे private IP address कहते है।
public IP address
public IP address डिवाइस को internet service provider (ISP) द्वारा दिया जाता है जो आपको worlwide connect करके रखता है public IP address दो प्रकार के होते है एक दी dynamic जो बदलता रहता है और एक static जो बदलता नहीं है।
कैसे करे अपने कंप्यूटर का ip address चेक?
विंडोज users के लिए -
सबसे पहले start में जाये और command prompt ओपन करे
उसके बाद ये command लिखे -
ipconfig
mac users के लिए -
सबसे पहले terminal ओपन करे
terminal में ये command लिखे -
ifconfig
linux users के लिए -
सबसे पहले terminal ओपन करे
terminal में ये command लिखे -
ifconfig। less
अगर आपको ये सब करना पसंद नहीं है तो आप google पर सीधे what is my IP सर्च कर सकते हो आपको आपका IP address पता चल जाएगा।
यह पड़ें –
- Bitcoin क्या है (kya hai)? (in Hindi)
- इन 5 तरीको से बढाएँ अपनी इन्टरनेट स्पीड।
- Operating system (OS) क्या है (हिंदी में)।
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